16 से 20 सितंबर तक चलेगी तेजस्वी की “बिहार अधिकार यात्रा”, समापन वैशाली में होगा
पटना, 15 सितम्बर 2025।
बिहार की राजनीति में इन दिनों यात्राओं का दौर चरम पर है। विपक्ष से लेकर सत्तारूढ़ खेमे तक, हर कोई जनता के बीच जाकर अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद में जुटा है।
प्रशांत किशोर पिछले तीन साल से लगातार “जन सुराज यात्रा” के ज़रिए गाँव-गाँव घूम रहे हैं। उनका मक़सद बिहार की जनता से सीधा संवाद कर राजनीतिक विकल्प तैयार करना है।
कुछ समय पहले राहुल गांधी ने महागठबंधन के साथ मिलकर “वोटर अधिकार यात्रा” निकाली थी। इस यात्रा में चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी और वोटर लिस्ट से जुड़े सवालों को जोर-शोर से उठाया गया। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग भी की थी।
अब तेजस्वी यादव भी 16 सितंबर से “बिहार अधिकार यात्रा” की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह यात्रा जहानाबाद से शुरू होगी और 20 सितंबर को वैशाली में समाप्त होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान तेजस्वी यादव बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता से संवाद करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में यात्राओं का यह सिलसिला आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी है।
प्रशांत किशोर जनता को नया राजनीतिक विकल्प देने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी और महागठबंधन चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों को मुद्दा बना रहे हैं।
तेजस्वी यादव अपनी यात्रा से युवाओं और किसानों को साधने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
राजनीति में यात्राओं का इतिहास पुराना रहा है। जनता के बीच पहुँचने का यह तरीका सीधा असर छोड़ता है। अब देखना होगा कि बिहार की इन यात्राओं का नतीजा चुनावी समीकरणों में कैसे बदलता है।

