सी.पी. राधाकृष्णन बने देश के नए उपराष्ट्रपति, NDA प्रत्याशी को भारी जीत
नई दिल्ली, 9 सितंबर 2025 – देश ने आज अपना नया उपराष्ट्रपति चुन लिया। NDA प्रत्याशी और महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे सी.पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत दर्ज की। उन्हें 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी INDIA गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए। 13 सांसदों ने मतदान से दूरी बनाई।
यह जीत सिर्फ एक चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि NDA की मजबूती और संसदीय बहुमत की स्पष्ट झलक है।
राधाकृष्णन की पृष्ठभूमि
राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ और वे शुरुआती दिनों से ही RSS से जुड़े रहे।
वे दो बार (1998 और 1999) कोयंबटूर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
तमिलनाडु BJP के अध्यक्ष रहने के साथ-साथ उन्होंने कोयर बोर्ड के चेयरमैन के रूप में भी कार्य किया।
हाल ही में वे झारखंड और महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे।
उनका चयन यह भी दर्शाता है कि दक्षिण भारत और OBC समुदाय से आने वाला नेतृत्व अब राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक प्रतिनिधित्व पा रहा है।
उपराष्ट्रपति पद का महत्व
भारत का उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है। वे राज्यसभा के सभापति भी होते हैं और राष्ट्रपति के पद रिक्त होने की स्थिति में कार्यकारी राष्ट्रपति की भूमिका निभाते हैं।
राजनीतिक संदेश
राधाकृष्णन की जीत ने NDA की रणनीति को और मजबूत किया है। यह चुनाव दिखाता है कि
संसद में NDA का बहुमत कितना निर्णायक है।
साथ ही, दक्षिण भारत में पार्टी की पकड़ और व्यापक हो रही है।
कुल मिलाकर, सी.पी. राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनना भारतीय राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है, जहाँ अनुभव, संगठनात्मक पृष्ठभूमि और जनसेवा का मिला-जुला रूप देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों तक पहुँच रहा है।

