डीएम वैशाली का बड़ा निर्देश: हर दिन 50 किसानों का e-KYC और फार्मर आईडी बनेगा अनिवार्य
वैशाली, बिहार |
जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कैंप मोड में कार्य करते हुए सभी पात्र लाभुकों का e-KYC सत्यापन कर फार्मर रजिस्ट्री आईडी तैयार करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया किसानों की “डिजिटल पहचान” को सशक्त करेगी और राज्य में कृषि सेवाओं को आधुनिक, सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम है।
दो चरणों में लगेगा विशेष शिविर
पहला चरण: 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026
दूसरा चरण: 18 जनवरी से 21 जनवरी 2026
इन तिथियों के दौरान पंचायत स्तर पर पंचायत सरकार भवनों एवं अन्य सरकारी परिसरों में शिविर आयोजित होंगे।
कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार एवं राजस्व कर्मचारी इन शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
हर कर्मी के लिए लक्ष्य तय
जिलाधिकारी ने प्रत्येक राजस्व कर्मचारी एवं कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार को प्रतिदिन कम से कम 50 फार्मर रजिस्ट्री एवं e-KYC पूर्ण करने का लक्ष्य दिया है।
30% से कम उपलब्धि वाले प्रखंडों की अलग से निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड
भूमि से संबंधित दस्तावेज (स्वयं के नाम की जमाबंदी)
मोबाइल नंबर
किसानों के लिए क्या लाभ?
फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को—
सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बिक्री में सुविधा
फसल क्षति पर मुआवजा
पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की किस्तों का निर्बाध लाभ
—मिल सकेगा।
क्या है फार्मर रजिस्ट्री?
यह एग्री स्टैक परियोजना का प्रमुख घटक है। इसमें प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी बनाई जाती है, जिसमें भूमि विवरण और आधार संख्या डिजिटल रूप से जोड़ी जाती है।
राज्य सरकार ने बिहार भूमि डेटाबेस से जुड़े ऑनलाइन बकेट सिस्टम के जरिए किसानों की पहचान और डेटा समेकन शुरू किया है।
अब तक की प्रगति
वैशाली जिले में 1,95,228 पीएम-किसान लाभुक
इनमें से 65,298 का e-KYC पूरा
20,211 फार्मर रजिस्ट्री तैयार, जिनमें 10,477 लाभुक पीएम-किसान योजना से जुड़े
किसानों से अपील
जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों-बहनों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित शिविरों में स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाना सुनिश्चित करें।
इस बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), जिला कृषि पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे।

