पूर्णिया एयरपोर्ट का सपना हुआ साकार, 15 सितंबर को होगा उद्घाटन
पूर्णिया/पटना:
सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लिए लंबे समय से अधूरा सपना रहा पूर्णिया एयरपोर्ट अब साकार होने जा रहा है। 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और वहीं से पहली वाणिज्यिक उड़ान को रवाना करेंगे। उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एयरपोर्ट का निरीक्षण करेंगे और अंतिम तैयारियों का जायजा लेंगे।
निर्माण और सुविधाएं
पूर्णिया एयरपोर्ट का इंटरिम टर्मिनल लगभग तैयार हो चुका है। करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टर्मिनल का क्षेत्रफल 3,000 वर्ग मीटर है। इसमें छह चेक-इन काउंटर, दो हैंड बैगेज स्कैनर, एक कन्वेयर बेल्ट और दो बोर्डिंग गेट बनाए गए हैं। टर्मिनल की डिजाइन में बिहार की प्रसिद्ध मंजुशा कला को शामिल किया गया है, ताकि स्थानीय पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर दिखाया जा सके।
रनवे, टैक्सीवे और एप्रन का काम लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही, 1.7 किलोमीटर लंबी सीमा दीवार भी सुरक्षा मानकों के अनुसार कॉन्सर्टिना वायर के साथ बनाई गई है। कुल 67 एकड़ भूमि इस एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई है।
उड़ान संचालन
इस एयरपोर्ट को लेकर सबसे बड़ी खुशी यह है कि यहां से वाणिज्यिक उड़ानें जल्द शुरू हो जाएंगी। इंडिगो एयरलाइंस ने दिल्ली और कोलकाता के लिए उड़ानों का संचालन शुरू करने की योजना बनाई है और टिकट बुकिंग 26 अगस्त से शुरू हो चुकी है। आगे चलकर अन्य बड़े शहरों को भी यहां से जोड़ा जाएगा।
निरीक्षण और सरकार की भूमिका
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में पूर्णिया एयरपोर्ट का दौरा किया था। उन्होंने अधिकारियों को शेष कार्य तेजी से पूरा करने और यात्रियों की सुविधा के लिए सभी इंतज़ाम समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बिहार सरकार लंबे समय से इस परियोजना को साकार करने में जुटी थी और अब इसका परिणाम लोगों के सामने है।
क्षेत्रीय विकास की उम्मीदें
पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन पूरे सीमांचल और कोसी इलाके के लिए ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। इस क्षेत्र में अब तक हवाई सेवा का अभाव था, जिसके चलते उद्योग, व्यापार और पर्यटन को अपेक्षित बढ़ावा नहीं मिल पा रहा था। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद न केवल व्यापार और निवेश को रफ्तार मिलेगी, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी आवाजाही आसान होगी। स्थानीय लोग इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।

