पटना मेट्रो का ऐतिहासिक कदम: डिपो के अंदर 800 मीटर ट्रैक पर दौड़ी पहली ट्रेन
पटना, 2 सितंबर 2025। बिहार की राजधानी पटना के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। लोगों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पटना मेट्रो का पहला ट्रायल रन बैरिया स्थित डिपो के अंदर 800 मीटर लंबे ट्रैक पर शुरू हो गया। इस मौके पर मौजूद अफसरों और इंजीनियरों ने इसे राज्य की परिवहन व्यवस्था में मील का पत्थर बताया।
ट्रायल में क्या हो रहा है?
डिपो परिसर में बने विशेष ट्रैक पर ट्रेन को लो-स्पीड पर दौड़ाया जा रहा है। इस दौरान ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम, पावर सप्लाई, सिग्नलिंग और सेफ्टी फीचर्स की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में यह ट्रायल और तेज गति पर होगा, ताकि सभी तकनीकी मानकों को परखा जा सके।
गेरुआ रंग में नई पहचान
इस मौके पर मेट्रो ट्रेन का नया लुक भी सामने आया। गेरुआ रंग में सजी चमचमाती बोगियों पर बिहार की पहचान—मधुबनी कला और गोलघर जैसे प्रतीकात्मक चित्र बनाए गए हैं। पहली ही नजर में यह ट्रेन राजधानी की संस्कृति और आधुनिकता का संगम प्रतीत हो रही है।
अगला कदम
डिपो ट्रायल के सफल होने के बाद ट्रेन को एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा। इसके बाद ही सुरक्षा सर्टिफिकेशन और पब्लिक रन की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले चरण में कॉरिडोर-2 (ब्लू लाइन) के 6.49 किमी लंबे प्रायोरिटी सेक्शन पर मेट्रो चलाने की तैयारी है, जिसमें मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और न्यू आईएसबीटी स्टेशन शामिल हैं।
उम्मीदों का नया सफर
पटना मेट्रो का यह पहला कदम राजधानी के लाखों यात्रियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। मेट्रो के संचालन से न केवल ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, बल्कि शहर की परिवहन व्यवस्था भी आधुनिक और तेज़ बनेगी।
अब पटना के लोग उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब यह मेट्रो ट्रेन शहर की सड़कों के ऊपर और नीचे अपने पूरे शान-ओ-शौकत के साथ दौड़ेगी।

