IMG 20260113 WA0029

मकर संक्रांति पर वैशाली प्रशासन अलर्ट: अवैध नावों और चाइनीज मांझे पर सख्त रोक

मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर जिला प्रशासन, वैशाली ने सुरक्षा और जनहित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि 14 और 15 जनवरी को होने वाले पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था न हो।

 

 

अवैध नावों के परिचालन पर सख्त रोक

 

जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि जिले के सभी प्रमुख नदी घाटों पर अवैध नावों का परिचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीमों की प्रतिनियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र में अवैध नावों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें और किसी भी तरह की लापरवाही न होने दें।

 

 

चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध

 

मकर संक्रांति के दौरान पतंगोत्सव को देखते हुए चाइनीज मांझे के उपयोग और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस मांझे से गंभीर चोटें और दुर्घटनाएँ होती हैं, इसलिए आमजन को इसके खतरों के प्रति जागरूक किया जाए। नगर निकाय और पुलिस प्रशासन को बाजारों में सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

 

 

सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था के विशेष निर्देश

 

हाजीपुर, महुआ और महनार अनुमंडल के सभी अधिकारी — अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी, दंडाधिकारी एवं सुरक्षा बलों को गंगा और गंडक नदी के भीड़-भाड़ वाले घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

विशेष रूप से कौनहारा घाट जैसे अत्यधिक भीड़ वाले स्थलों पर अतिरिक्त बल और एम्बुलेंस की तैनाती की जाएगी।

 

मेले और मंदिरों में सुरक्षा

 

जहाँ-जहाँ मकर संक्रांति पर मेले लगते हैं या श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होती है, वहाँ दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति अनिवार्य की गई है।

प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि खतरनाक घाटों को चिन्हित कर वहाँ चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाई जाए, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सीमा से आगे न जाएँ।

 

 

चिकित्सकीय दल की व्यवस्था

 

सभी भीड़भाड़ वाले घाटों पर एम्बुलेंस और चिकित्सकीय टीमों की तैनाती रहेगी। जिला प्रशासन ने स्थानीय निकायों को निर्देश दिया है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएँ।

जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक है, लेकिन सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि हैं। प्रशासन की ओर से जनहित में की गई ये तैयारियाँ इस उद्देश्य से हैं कि श्रद्धालु निर्भय होकर पर्व का आनंद उठा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *