तेज प्रताप यादव का ऐलान: अब RJD से अलग, “स्मार्ट गांव” बनाएंगे नई राजनीति का आधार
पटना, 5 सितम्बर 2025:
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं अब आरजेडी में नहीं हूं। महागठबंधन के लोग मेरे साथ आ रहे हैं। मेरे पिता हमेशा कहते थे कि हमें स्मार्ट सिटी नहीं, स्मार्ट गांव चाहिए। अब मैं उसी दिशा में काम करूंगा और यह मेरा वादा है।”
पार्टी से निष्कासन और नया सफर
मालूम हो कि तेज प्रताप को इसी साल मई 2025 में आरजेडी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। लालू प्रसाद यादव ने खुद उन्हें पार्टी और परिवार दोनों से बाहर कर दिया था। इसके बाद से तेज प्रताप ने स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता चुन लिया।
स्वतंत्र चुनाव लड़ने की तैयारी
जुलाई 2025 में उन्होंने ऐलान किया कि वे महुआ सीट से बतौर स्वतंत्र उम्मीदवार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। अगस्त में उन्होंने छोटे दलों के साथ गठबंधन बनाने की भी घोषणा की, जिसमें VVIP (वंचित विकास इंसान पार्टी) समेत पाँच अन्य दल शामिल हैं।
महागठबंधन पर नया दावा
अब उनके ताज़ा बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। तेज प्रताप का दावा है कि महागठबंधन के कई नेता और कार्यकर्ता उनके साथ जुड़ रहे हैं। इसका असर जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस के समीकरण पर पड़ सकता है, खासकर वैशाली और आसपास के क्षेत्रों में जहां उनका खुद का प्रभाव माना जाता है।
“स्मार्ट गांव” की राजनीति
तेज प्रताप ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव की सोच को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा, “स्मार्ट शहर बनाने से ज़्यादा ज़रूरी है स्मार्ट गांव बनाना। यही बिहार की असली ताकत है और मैं इसे पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध हूं।”
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विश्लेषण
तेज प्रताप यादव की राजनीति अब “परिवार से अलग” स्वतंत्र राह पर है।
“स्मार्ट गांव” का नारा ग्रामीण वोट बैंक को आकर्षित करने की कोशिश माना जा रहा है।
महागठबंधन से लोगों के “साथ आने” का दावा भविष्य में सत्ता समीकरण बदल सकता है।
निष्कर्ष:
तेज प्रताप यादव का यह बयान साफ करता है कि वे अब पूरी तरह राजद से अलग राह पर चल पड़े हैं। बिहार चुनाव 2025 में उनका “स्मार्ट गांव” एजेंडा और स्वतंत्र गठबंधन क्या असर डालेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।

