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राहुल गांधी का मोदी पर हमला एपस्टीन और अडानी का नाम लेकर सरकार पर निशाना

राहुल गांधी का नया हमला: एपस्टीन और अडानी का नाम लेकर सरकार पर निशाना, बोले — “लोकतांत्रिक विरोध शर्म नहीं, शक्ति है”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) में देश के हितों से समझौता कर रही है और अब तो एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों का नाम आने जैसी बातें “शर्म की बात” हैं।

🔹 एपस्टीन और अडानी का जिक्र

राहुल गांधी ने अपने वीडियो में कहा —

“मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं। एपस्टीन फाइल्स में आपका, आपके मंत्रियों और आपके मित्र अडानी का नाम जुड़ना — यह भारत के लिए शर्म की बात है।”

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका में चल रहे अडानी से जुड़े मामलों को लेकर सरकार खामोश है, जबकि भारत की जनता जवाब चाहती है।

🔹 ट्रेड डील को बताया ‘सबसे शर्मनाक समझौता’

कांग्रेस नेता ने कहा कि मौजूदा भारत-अमेरिका ट्रेड डील से देश के किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी बुरी तरह प्रभावित होंगे।

उनका कहना था —

“यह डील भारत के उद्योग, डेटा और रोजगार को विदेशी कंपनियों के हवाले करने जैसा है। मोदी सरकार ने देश का आत्मसम्मान बेच दिया है।”

🔹 कार्यकर्ताओं से अपील — “डरना मत”

हाल में हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को प्रधानमंत्री द्वारा “गंदी राजनीति” कहे जाने पर राहुल गांधी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा —

“लोकतांत्रिक विरोध भारत की आत्मा है। गांधी जी, भगत सिंह, और सरदार पटेल ने हमें सिखाया था कि सत्ता से डरना नहीं, सवाल करना चाहिए। जो लोग लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, वे बब्बर शेर हैं, अपराधी नहीं।”

🔹 राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह बयान उस समय आया है जब संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति में है। राहुल गांधी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और भाजपा ने इसे “झूठ और भ्रामक प्रचार” बताया है।

🔹 विश्लेषण

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राहुल गांधी का यह वीडियो विपक्ष की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वे अंतरराष्ट्रीय विषयों (Epstein Files, Adani Issue, Trade Deal) के जरिए मोदी सरकार पर नैतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं, भाजपा इसे “देश की छवि खराब करने वाला अभियान” बता रही है।

📌 निष्कर्ष:

राहुल गांधी का यह बयान न केवल चुनावी रणनीति को तीखा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कांग्रेस अब अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक मुद्दों को जोड़कर सरकार को कठघरे में खड़ा करना चाहती है। आने वाले दिनों में यह बहस संसद और सड़कों दोनों पर गूंजने वाली है।

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