बिहार में सड़क पर गड्ढा बताओ, पाओ ₹5000 का इनाम
15 जनवरी से लागू होगी नई ‘रोड हेल्थ पॉलिसी’, आम जनता बनेगी निगरानी टीम
बिहार सरकार ने सड़क मरम्मत को लेकर एक अनोखी पहल की शुरुआत की है। अब राज्य में अगर कोई नागरिक सड़क पर गड्ढा देखता है और उसकी जानकारी सरकार को देता है, तो उसे ₹5000 का इनाम मिलेगा। यह योजना 15 जनवरी से पूरे राज्य में लागू होने जा रही है।
जनता बनेगी निगरानी टीम
राज्य की “रोड हेल्थ पॉलिसी” के तहत आम लोगों को सड़कों की स्थिति बताने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। किसी भी सड़क पर गड्ढा, टूट-फूट या खराब मरम्मत दिखने पर लोग मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट कर सकेंगे।
अगर जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो रिपोर्ट करने वाले व्यक्ति को ₹5000 का पुरस्कार दिया जाएगा।
72 घंटे में सड़क की मरम्मत अनिवार्य
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि शिकायत मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत की जाए। इसके लिए “रोड एम्बुलेंस सिस्टम” की शुरुआत भी की जा रही है, जो त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
मंत्री का बयान
राज्य के पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि यह योजना देश में अपनी तरह की पहली पहल है। उन्होंने कहा —
“हम चाहते हैं कि जनता खुद हमारी निगरानी टीम बने। गड्ढा बताने पर न केवल इनाम मिलेगा, बल्कि दोषी इंजीनियर और ठेकेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी।”
जवाबदेही तय होगी
इस नीति के तहत अब सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव पर प्रत्यक्ष निगरानी व्यवस्था लागू होगी। किसी भी क्षेत्र में सड़क खराब पाए जाने पर संबंधित इंजीनियर या संवेदक (ठेकेदार) की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कैसे करें शिकायत
सरकार इसके लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन और हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी।
नागरिक वहां सड़क का फोटो और लोकेशन अपलोड करेंगे।
तकनीकी टीम उसकी जांच करेगी।
सत्यापन के बाद रिपोर्ट करने वाले को इनाम दिया जाएगा।
क्या फायदा होगा?
इस नीति से न केवल सड़कों की हालत में सुधार की उम्मीद है, बल्कि जनता की भागीदारी से भ्रष्टाचार और लापरवाही पर भी लगाम लग सकेगी। दुर्घटनाओं में कमी और सड़क सुरक्षा में भी बड़ा सुधार संभव है।
मुख्य बिंदु:
योजना लागू होगी: 15 जनवरी 2026
इनाम राशि: ₹5000 प्रति मान्य शिकायत
मरम्मत की समय सीमा: 72 घंटे
निगरानी प्रणाली: रोड एम्बुलेंस + डिजिटल ऐप

